
गुरुद्वारा नादौन साहिब पातशाही दसवीं
गुरुद्वारा नादौन साहिब पातशाही दसवीं हिमाचल प्रदेश के नादौन में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1690 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल सेना पर विजय प्राप्त की।

गुरुद्वारा नादौन साहिब पातशाही दसवीं हिमाचल प्रदेश के नादौन में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1690 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल सेना पर विजय प्राप्त की।

हिमाचल प्रदेश के रेवालसर में स्थित गुरुद्वारा रेवालसर साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी की पावन यात्रा से जुड़ा एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल है।

गुरुद्वारा बड़ू साहिब हिमालय की गोद में बसा एक पवित्र स्थल है, जहां शांति, प्रकृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

गुरुद्वारा श्री दशमेश स्थान नाहन में स्थित एक पवित्र स्थल है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1685 में प्रवास किया था। यहां का इतिहास और पहुंचने के सभी मार्ग जानें।

गुरुद्वारा कंगन घाट पटना में गंगा किनारे स्थित एक पवित्र स्थल है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपना कंगन अर्पित किया और उपदेश दिए।

गुरुद्वारा दमदमा साहिब दिल्ली में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी की मुलाकात बहादुर शाह से हुई थी। यह स्थान सिख इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है।

गुरुद्वारा माता सुंदरी जी दिल्ली में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जहाँ माता सुंदरी जी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के बाद सिख समुदाय का मार्गदर्शन किया। यह स्थान सिख इतिहास में उनकी महान सेवाओं और नेतृत्व की स्मृति को समर्पित है।

गुरुद्वारा बड़ी संगत वाराणसी का एक ऐतिहासिक सिख तीर्थ है जहाँ गुरु तेग बहादुर साहिब जी 7 महीने 13 दिन ठहरे थे। यहाँ बावली गंगा परगट का पवित्र स्थान और गुरु जी से जुड़े कई ऐतिहासिक अवशेष सुरक्षित हैं।

गुरुद्वारा खालसा सभा, माटुंगा (मुंबई) एक प्रसिद्ध सिख गुरुद्वारा है जो गुरु नानक मार्ग पर सिटी लाइट सिनेमा के पीछे स्थित है और संगत को आध्यात्मिक वातावरण व आवास सुविधा प्रदान करता है।
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