
गुरुद्वारा नानकपुरी साहिब, टांडा
गुरुद्वारा नानकपुरी साहिब, टांडा गुरु नानक देव जी की 1514 की उत्तराखंड उदासी से जुड़ा पावन स्थान है। यहां गुरु जी ने रोहिल्ला पठानों को बाल तस्करी जैसी कुरीति छोड़ने का संदेश दिया। कई चमत्कारी घटनाओं के माध्यम से उन्होंने सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया। आज यहां गुरु नानक देव जी, गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व, गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस और होला मोहल्ला श्रद्धा से मनाए जाते हैं। गुरुद्वारा परिसर में 35 कमरों वाली सराय भी उपलब्ध है।







