
गुरुद्वारा महलसर साहिब, तलवंडी साबो
गुरुद्वारा महलसर साहिब, तलवंडी साबो गुरुद्वारा महलसर साहिब शहर तलवंडी साबो में बठिंडा-सरदूलगढ़ रोड पर,

गुरुद्वारा महलसर साहिब, तलवंडी साबो गुरुद्वारा महलसर साहिब शहर तलवंडी साबो में बठिंडा-सरदूलगढ़ रोड पर,

तख्त श्री दमदमा साहिब तखत श्री दमदमा साहिब जी, बठिंडा पंजाब, भारत में स्थित है।

तख्त श्री पटना साहिब सिख धर्म के पाँच पवित्र तख्तों में से एक और गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मस्थान है। पटना में गंगा नदी के किनारे स्थित यह पवित्र स्थल सिख इतिहास, आस्था और आध्यात्मिक विरासत का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
गुरुद्वारा श्री अंतरआत्मा साहिब गुरुद्वारा श्री अंतरआत्मा साहिब, कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में स्थित

सुल्तानपुर लोधी, जहाँ गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के लगभग 14 वर्ष बिताए, सिख इतिहास का पवित्र स्थल है। यहीं उनकी बहन बेबे नानकी जी का घर था और गुरु जी ने मोदीखाने में सेवा की। इस नगर से ही उनकी आध्यात्मिक यात्राओं की शुरुआत हुई। आज यहाँ स्थित गुरुद्वारा श्री बेबे नानकी जी गुरु जी और बेबे नानकी जी के पवित्र संबंध की स्मृति को जीवंत करता है।

गुरुद्वारा हट्ट साहिब गुरुद्वारा हट्ट साहिब पंजाब के कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में एक

गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, दिल्ली में स्थित एक पवित्र ऐतिहासिक स्थल है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी की दिल्ली आगमन और उनकी प्रसिद्ध तीरंदाजी से जुड़ा हुआ है। यह स्थान सिख इतिहास, वीरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

गुरु का ताल, आगरा के सिकंदरा के पास स्थित, एक ऐतिहासिक सिख तीर्थ स्थल है जो श्री गुरु तेग बहादुर जी की याद में बनाया गया। यह वह स्थान है जहाँ गुरु जी ने मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब को स्वैच्छिक गिरफ्तारी की पेशकश की थी। यह ताल 1610 में जहांगीर के शासनकाल में पानी जमा करने के लिए बनाया गया था, और यह स्थल गुरु तेग बहादुर जी की शहादत से जुड़ा हुआ है। 1970 में संत बाबा साधू सिंह “मौनी” के प्रयासों से यहाँ गुरुद्वारा बनाया गया। हर साल हज़ारों श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर गुरु जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

तख्त श्री केसगढ़ साहिब सिख धर्म के पाँच तख्तों में से एक पवित्र तख्त है। आनंदपुर साहिब स्थित इस ऐतिहासिक स्थान पर गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 की बैसाखी पर खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह स्थान सिख इतिहास, वीरता, समानता और आध्यात्मिक विरासत का महान प्रतीक माना जाता है।
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