गुरुद्वारा कटाना साहिब

गुरुद्वारा श्री देगसर साहिब, जिसे कटाना साहिब के नाम से जाना जाता है, लुधियाना के कटाना गांव में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह पवित्र स्थल श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण छोह प्राप्त है। गुरुद्वारा साहिब का संबंध गुरु जी के विश्राम, देग की परंपरा और सरहिंद नहर से जुड़ी अद्भुत ऐतिहासिक घटना से भी है।

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ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਅਟਾਰੀ ਸਾਹਿਬ, ਪਿੰਡ ਘੁੰਗਰਾਲੀ | गुरुद्वारा अटारी साहिब, गांव घुंगराली | Gurudwara Attari Sahib, Ghungrali

गुरुद्वारा अटारी साहिब, गांव घुंगराली

गुरुद्वारा अटारी साहिब, गांव घुंगराली में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी के आगमन और भाई नानू सिंह द्वारा श्रद्धापूर्वक शस्त्र भेंट करने की स्मृति आज भी जीवित है। यह पवित्र स्थल संगत को सिख इतिहास, वीरता और श्रद्धा से जोड़ता है।

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Gurudwara Guru Hargobind Sahib - Village Ikolaha | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ - ਇਕੋਲਾਹਾ | गुरुद्वारा गुरु हरगोबिंद साहिब - इकोलाहा

गुरुद्वारा गुरु हरगोबिंद साहिब – इकोलाहा

गुरुद्वारा गुरु हरगोबिंद साहिब, इकोलाहा, छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की पावन यात्रा से जुड़ा ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह स्थल उनकी चरण-छोह, मंजी साहिब और संगत को दिए गए आशीर्वाद के लिए प्रसिद्ध है। हर वर्ष वैसाख की 20 तारीख को यहां विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचते हैं।

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Gurudwara Kangha Sahib, Powat | गुरुद्वारा कंघा साहिब, गांव पोवात | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਕੰਘਾ ਸਾਹਿਬ

गुरुद्वारा कंघा साहिब

गुरुद्वारा कंघा साहिब, गांव पोवात में स्थित एक पवित्र ऐतिहासिक स्थल है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने चमकौर के युद्ध के बाद माछीवाड़ा जाते समय विश्राम किया था। मान्यता है कि इसी स्थान पर गुरु जी ने अपने केश संवारे और दस्तार बदली थी। यह गुरुद्वारा उनकी पावन यात्रा और विरासत की स्मृति को समर्पित है।

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ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ ਪਹਿਲੀ ਨਾਨਕਸਰ, ਠੱਕਰਵਾਲ | Gurudwara Sahib Patshahi Pehli Nanksar - Thakarwal

गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली नानकसर, ठक्करवाल

गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली नानकसर, ठक्करवाल, श्री गुरु नानक देव जी के प्रथम उदासी काल से जुड़ा पवित्र ऐतिहासिक स्थल है। यहां गुरु जी ने महंत ठाकुर दास का अहंकार दूर कर उन्हें सच्चे आध्यात्मिक ज्ञान, विनम्रता और सत करतार की महिमा का उपदेश दिया। यह गुरुद्वारा आज भी श्रद्धालुओं को गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरित करता है।

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ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਬੱਡ ਤੀਰਥ ਸਾਹਿਬ | गुरुद्वारा बड्ड तीर्थ साहिब

गुरुद्वारा बड्ड तीर्थ साहिब

गुरुद्वारा बड्ड तीर्थ साहिब, हरिपुरा (फाजिल्का) में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जो श्री गुरु नानक देव जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण छोह प्राप्त होने के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह स्थान राक्षस उद्धार की प्रसिद्ध साखी और गुरु साहिबानों के आशीर्वाद से जुड़ा हुआ है।

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Gurudwara Manji Sahib, Kanech | गुरुद्वारा मंजी साहिब, कनेच | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਮੰਜੀ ਸਾਹਿਬ, ਕਨੇਚ

गुरुद्वारा मंजी साहिब, कनेच

गुरुद्वारा मंजी साहिब, कनेच, वह पावन स्थान है जहां दिसंबर 1705 में गुरु गोबिंद सिंह जी माछीवाड़ा से प्रस्थान के बाद कुछ समय के लिए रुके थे। फत्ता किसान और उसके घोड़े से जुड़ी ऐतिहासिक घटना गुरु जी की दिव्य दृष्टि और सर्वज्ञता को दर्शाती है। यहां गुरु नानक देव जी, गुरु अर्जन देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व तथा गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।

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गुरुद्वारा ढाबसर साहिब – गोह

गुरुद्वारा ढाबसर साहिब, गाँव गोह में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जो गुरु हरगोबिंद साहिब जी की पावन यात्रा से जुड़ा हुआ है। यहीं से गुरु जी ने एक खूंखार शेर की खोज शुरू की थी और उसके आतंक से क्षेत्र के लोगों को मुक्त कराया था। यह गुरुद्वारा उनकी वीरता और मानव सेवा की स्मृति को संजोए हुए है।

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गुरुद्वारा गुरुसर साहिब, मानपुर खंड | ਗੁਰੂਦੁਆਰਾ ਗੁਰੂਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਮਾਨਪੁਰ ਖੰਡ

गुरुद्वारा गुरुसर साहिब, मानपुर खंड

गुरुद्वारा गुरुसर साहिब, मानपुर खंड, गुरु तेग बहादुर जी के आगमन से जुड़ा एक पवित्र स्थल है। यहां हर वर्ष शहीदी गुरपुरब श्रद्धा से मनाया जाता है और यह स्थान संगत के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।

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