गुरुद्वारा पातशाही छेवीं, कांगड़
गुरुद्वारा पातशाही छेवीं, जिसे गुरुद्वारा साहिब कांगड़ के नाम से भी जाना जाता है, पंजाब के कांगड़ गांव में स्थित एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सिख तीर्थ स्थल है। यह वह पावन स्थान है जहां श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने राजा राय जोध के साथ लगभग तीन महीने निवास किया था। इसी दौरान भाई बिधी चंद जी लाहौर से दिलबाग और गुलबाग नामक घोड़े गुरु साहिब के लिए लेकर आए थे। इस घटना से मुगल सम्राट जहांगीर क्रोधित हो गया और उसने उन घोड़ों को वापस लाने के लिए अपनी सेना भेजी।
जहांगीर ने अपने सेनापति लाल बेग और कमर बेग को इस कार्य के लिए नियुक्त किया। गुरु साहिब की सेना और मुगल सेना के बीच मेहराज गांव के निकट युद्ध हुआ। राजा राय जोध की 500 घुड़सवारों वाली शक्तिशाली सेना सहित गुरु साहिब की फौज ने इस युद्ध में विजय प्राप्त की। युद्ध के दौरान गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने लाल बेग को तथा राजा राय जोध ने कमर बेग को मार गिराया।
युद्ध में विजय के बाद गुरु साहिब पुनः कांगड़ गांव लौटे और राजा राय जोध को आशीर्वाद स्वरूप एक कटार भेंट की। यह ऐतिहासिक कटार आज भी राजा राय जोध के परिवार के पास सुरक्षित संरक्षित है। कांगड़ में कुछ समय ठहरने के बाद गुरु साहिब यहां से तख्तूपुरा के लिए प्रस्थान कर गए।
गुरुद्वारा पातशाही छेवीं, कांगड़ में प्रतिवर्ष गुरु हरगोबिंद साहिब जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। यह गुरुद्वारा सिख इतिहास की वीरता, आस्था और बलिदान की गौरवशाली यादों को संजोए हुए है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
गुरुद्वारा पातशाही छेवीं, कांगड़ तक पहुंचना काफी सुविधाजनक है। अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार आप निम्नलिखित यात्रा विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
कार द्वारा: आप बरनाला, निहाल सिंह वाला और आसपास के अन्य शहरों से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से गुरुद्वारा साहिब पहुंच सकते हैं। यह गुरुद्वारा मुख्य बरनाला–निहाल सिंह वाला सड़क से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निजी वाहन या टैक्सी के माध्यम से यहां पहुंचना आसान है।
रेल द्वारा: निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन बठिंडा जंक्शन है। रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद आप टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या स्थानीय बस सेवा का उपयोग करके गुरुद्वारा साहिब तक पहुंच सकते हैं।
बस द्वारा: आसपास के शहरों और कस्बों से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। गुरुद्वारा के निकट बस स्टॉप स्थित है, जहां से आप टैक्सी या अन्य स्थानीय साधनों द्वारा आसानी से गुरुद्वारा पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा बठिंडा में स्थित है, जो गुरुद्वारा से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से टैक्सी लेकर आप आरामदायक यात्रा करते हुए गुरुद्वारा साहिब पहुंच सकते हैं।
यात्रा शुरू करने से पहले अपने स्थान के अनुसार वर्तमान परिवहन समय-सारिणी और उपलब्धता की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इसके अतिरिक्त, कांगड़ गांव पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों से मार्गदर्शन लेने में संकोच न करें, क्योंकि गुरुद्वारा साहिब क्षेत्र का एक प्रसिद्ध और जाना-पहचाना धार्मिक स्थल है।
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