गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब - गुरने कलां
गुरु तेग बहादुर साहिब जी तलवंडी साबो से धमतान की यात्रा के दौरान गांव गुरने कलां पहुंचे थे। इस यात्रा में उनके साथ कई श्रद्धालु सिख भी मौजूद थे। गुरु जी गोबिंदपुर से होते हुए लहरा गागा पहुंचे। यहां कुछ सिख अपने घोड़ों के लिए चारा लेने पास के खेतों में गए, लेकिन स्थानीय जमींदारों ने उन्हें रोक दिया। वे गुरु जी की महानता और उनके आगमन से अनजान थे, इसलिए उन्होंने सिखों के साथ कठोर व्यवहार किया।
जब सिख निराश होकर वापस लौटे और उन्होंने पूरी घटना गुरु जी को सुनाई, तब गुरु जी ने किसी प्रकार का विवाद या क्रोध प्रकट नहीं किया। वे शांतिपूर्वक लहरा गागा छोड़कर गुरने कलां की ओर चले गए। बाद में जब लहरा गागा के लोगों और जमींदारों को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वे गुरु जी से क्षमा मांगने गुरने कलां पहुंचे।
गुरु जी ने गुरने कलां में तीन दिन तक निवास किया। यहां उन्होंने क्षमा मांगने आए लोगों को आशीर्वाद दिया और उन्हें प्रेम, विनम्रता और क्षमा का संदेश दिया। इसके बाद गुरु जी मकोरड़ साहिब के लिए रवाना हो गए।
गुरु जी की इस पावन यात्रा की याद में आज यहां गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब स्थापित है। यह स्थान गुरु जी की नम्रता, धैर्य और क्षमाशीलता का प्रतीक माना जाता है। यहां हर वर्ष गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा दशहरा और बैसाखी के पर्व भी स्थानीय संगत और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं।
स्थान:
गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब पंजाब के संगरूर जिले के गांव गुरने कलां में स्थित है। यह गुरुद्वारा जाखल–सुनाम रोड पर स्थित है। यह जाखल से लगभग 8 किलोमीटर उत्तर, लहरा से 6 किलोमीटर दक्षिण और सुनाम से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। गुरने कलां रेलवे स्टेशन धूरी–जाखल रेलवे लाइन पर स्थित है, जिससे यहां रेल मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, गुरने कलां पहुंचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न यातायात साधनों का उपयोग कर सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए निम्नलिखित यात्रा विकल्प उपलब्ध हैं:
कार द्वारा: गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी पंजाब के गांव गुरने कलां में जाखल–सुनाम रोड पर स्थित है। यह लहरा गागा के पास स्थित है और सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु अपनी कार, बाइक या टैक्सी के माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं। मार्ग में दिशा-सूचक बोर्ड और स्थानीय रास्ते यात्रा को सरल बनाते हैं।
बस द्वारा: सुनाम, जाखल और लहरा गागा जैसे नजदीकी शहरों से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। वहां से स्थानीय शेयरिंग वाहन, ऑटो-रिक्शा या टैक्सी लेकर गुरने कलां पहुंचा जा सकता है।
ट्रेन द्वारा: गुरने कलां के निकट सुनाम और जाखल रेलवे स्टेशन स्थित हैं। इन रेलवे स्टेशनों से गुरुद्वारा लगभग 8 से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। स्टेशन से ऑटो-रिक्शा या टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
हवाई मार्ग द्वारा: निकटतम हवाई अड्डों में बठिंडा एयरपोर्ट लगभग 100 किलोमीटर और चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित हैं। वहां से टैक्सी लेकर संगरूर या सुनाम पहुंचा जा सकता है और फिर सड़क मार्ग से गुरने कलां जाया जा सकता है।
यात्रा सुझाव: यात्रा शुरू करने से पहले परिवहन के समय की जानकारी अवश्य जांच लें। यदि आप कार से यात्रा कर रहे हैं, तो बेहतर मार्गदर्शन के लिए डिजिटल मैप का उपयोग करना लाभदायक रहेगा।
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