गुरुद्वारा श्री दस्तार अस्थान साहिब
गुरुद्वारा श्री दस्तार अस्थान साहिब एक पवित्र स्थल है, जहाँ कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज प्रकृति का आनंद लिया करते थे और यहाँ बैठकर अपनी दस्तार (पगड़ी) बाँधा करते थे। इसी स्थान पर सुंदर ढंग से दस्तार बाँधने वालों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाते थे।
भंगाणी साहिब के युद्ध में विजय के बाद, जब गुरु साहिब इस स्थान पर अपने केश सँवार रहे थे, तब प्रसिद्ध मुस्लिम फकीर पीर बुधु शाह जी, जो भंगाणी के युद्ध में अपने पुत्रों और अनुयायियों सहित गुरु साहिब के साथ सम्मिलित हुए थे, गुरु जी से विदा लेने आए। उस समय गुरु जी ने कहा, “पीर जी, मैं आपसे बहुत प्रसन्न हूँ, आप कुछ माँगिए।”
इस पर पीर बुधु शाह जी ने निवेदन किया कि यदि आप प्रसन्न हैं तो कृपा करके यह कंघा और इसमें लगे पवित्र केश मुझे प्रदान करें। गुरु जी उनकी श्रद्धा से प्रसन्न हुए और उन्हें अपनी आधी दस्तार तथा कंघा सिरोपा के रूप में प्रदान किया।
गुरुद्वारा श्री दस्तार अस्थान साहिब तक पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न परिवहन साधनों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे प्रमुख विकल्प दिए गए हैं:
कार या टैक्सी द्वारा: आप GPS या किसी मैप्स ऐप की सहायता से सीधे गुरुद्वारा साहिब तक पहुँच सकते हैं। सही दिशा के लिए गुरुद्वारा का पता दर्ज करें। निकटतम शहर पांवटा साहिब लगभग 2 किमी दूर है। वहाँ से आप स्वयं वाहन चलाकर या टैक्सी लेकर गुरुद्वारा कवी दरबार अस्थान तक पहुँच सकते हैं।
रेल द्वारा: निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून है, जो लगभग 45 किमी दूर स्थित है। स्टेशन से पांवटा साहिब के लिए टैक्सी या बस उपलब्ध है।
बस द्वारा: प्रमुख शहरों से पांवटा साहिब के लिए नियमित बसें चलती हैं। बस स्टैंड से गुरुद्वारा साहिब आसानी से पहुँचा जा सकता है।
हवाई मार्ग द्वारा: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो लगभग 70 किमी दूर है। एयरपोर्ट से टैक्सी और बस की सुविधा उपलब्ध है।
यात्रा से पहले अपने स्थान और वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार परिवहन विकल्पों और समय-सारिणी की जाँच करना उचित रहेगा।
अन्य नजदीकी गुरुद्वारे
- गुरुद्वारा कवि दरबार अस्थान - 60 m
- गुरुद्वारा शीश महल - 14m


