गुरुद्वारा दमदमा साहिब
गुरुद्वारा दमदमा साहिब का संबंध सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी से है। यह स्थान सन् 1707 में उनकी मुलाकात शहज़ादा मुअज्ज़म से होने की स्मृति में बनाया गया है, जो बाद में मुगल सम्राट बहादुर शाह प्रथम बना। मुगल बादशाह औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद शहज़ादा मुअज्ज़म ने अपने भाई के साथ गद्दी के लिए होने वाले युद्ध में सहायता के लिए गुरु साहिब से मदद मांगी थी।
गुरु साहिब की शहज़ादा मुअज्ज़म से मुलाकात हुमायूँ का मकबरा के पास हुई, जहाँ दोनों ने मिलकर युद्ध की रणनीति तैयार की। उस समय उनके मनोरंजन के लिए हाथियों और बैलों की लड़ाइयाँ भी आयोजित की गईं। गुरु साहिब ने शहज़ादे से यह वचन लिया कि यदि वह सिंहासन प्राप्त कर लेता है, तो वह उन सभी लोगों को दंड देगा जिन्होंने विश्वासघात करके उनके पुत्रों की हत्या की और उनकी सेना तथा शहर आनंदपुर साहिब को नष्ट किया था। बाद में गुरु साहिब की सहायता से शहज़ादा मुअज्ज़म अपने भाई को पराजित कर मुगल सिंहासन पर बैठने में सफल हुआ।
गुरुद्वारा दमदमा साहिब (जिसका अर्थ है “विश्राम स्थल”) का निर्माण सबसे पहले सन् 1783 में सरदार बघेल सिंह ने करवाया, जब उनके नेतृत्व में एक विशाल सिख सेना ने दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी। प्रारंभ में यह एक छोटा गुरुद्वारा था। बाद में महाराजा रणजीत सिंह ने अपने अधिकारियों को इस गुरुद्वारे के नवीनीकरण का कार्य सौंपा। इसके परिणामस्वरूप यहाँ एक देओढ़ी और पुजारियों तथा यात्रियों के लिए भवन बनाए गए।
सन् 1984 में यहाँ एक नई इमारत का निर्माण किया गया। हर वर्ष यहाँ हजारों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं और प्रसिद्ध सिख पर्व होला मोहल्ला को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।
गुरुद्वारा दमदमा साहिब तक पहुँचने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं:
कार द्वारा: यदि आपके पास कार है या आप टैक्सी लेना पसंद करते हैं, तो आप आसानी से गुरुद्वारा दमदमा साहिब तक पहुँच सकते हैं। इसके लिए अपने मोबाइल में किसी नेविगेशन या मानचित्र ऐप का उपयोग करें और गुरुद्वारे का पता दर्ज करें। ऐप आपको वहाँ तक पहुँचने के लिए सबसे उपयुक्त मार्ग दिखा देगा।
ट्रेन द्वारा: सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन हज़रत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन है। यहाँ से आप टैक्सी या ऑटो-रिक्शा लेकर गुरुद्वारे तक पहुँच सकते हैं, जो लगभग 3 किमी की दूरी पर स्थित है।
बस द्वारा: गुरुद्वारे तक पहुँचने के लिए सार्वजनिक बस सेवा भी उपलब्ध है। सबसे सुविधाजनक मार्ग के लिए स्थानीय बस समय-सारिणी की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
हवाई मार्ग से: सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। हवाई अड्डे से गुरुद्वारा साहिब लगभग 19 किमी दूर है। वहाँ से आप टैक्सी या अन्य सार्वजनिक परिवहन लेकर गुरुद्वारे तक पहुँच सकते हैं।
यात्रा पर निकलने से पहले परिवहन की समय-सारिणी और उपलब्धता की जानकारी अवश्य जाँच लें। इसके अलावा, जब आप निजामुद्दीन, नई दिल्ली पहुँचें, तो स्थानीय लोगों से मार्गदर्शन लेने में संकोच न करें, क्योंकि यह गुरुद्वारा क्षेत्र में एक प्रसिद्ध स्थल है।
गुरुद्वारा दमदमा साहिब
- गुरुद्वारा संता दा डेरा - 2.6 km
- माई दा गुरुद्वारा - 3.2 km
- गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा - 3.6 km
- गुरुद्वारा श्री बाला साहिब जी - 3.8 km
- साहिबज़ादा अजीत सिंह गुरुद्वारा - 5.7 km
- गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा - 5.7 km
- इच्छापुरक गुरुद्वारा - 6.5 km


