गुरुद्वारा टोका साहिब
गुरुद्वारा टोका साहिब दसवें पातशाह गुरु गोबिंद सिंह जी की यात्रा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। अक्टूबर 1684 में गुरु जी ने राजा मेदनी प्रकाश के सम्मानपूर्ण निमंत्रण पर आनंदपुर साहिब से नाहन की ओर अपनी यात्रा प्रारंभ की। अपने परिवार और अनेक सिख श्रद्धालुओं के साथ गुरु जी खड़ड़, मनीमाजरा, रामगढ़ और रायपुर रानी जैसे स्थानों से होते हुए नाहन रियासत की सीमा पर स्थित टोका गांव पहुँचे।
टोका में राजा मेदनी प्रकाश अपने मंत्रियों सहित गुरु साहिब के स्वागत के लिए उपस्थित हुए। उन्होंने गुरु जी को शाही जुलूस के साथ बड़े सम्मान से नाहन ले जाया। गुरु जी लगभग तीन वर्षों तक इस क्षेत्र में रहे। इसी दौरान उन्होंने पांवटा साहिब नगर की स्थापना की और बाद में भंगाणी के युद्ध में सिखों को विजय दिलाई।
अक्टूबर 1687 में आनंदपुर साहिब लौटते समय गुरु जी पुनः टोका साहिब में ठहरे। वे सढौरा, बीड़ माजरा, रायपुर रानी और नाडा साहिब से होकर गुजरे। मान्यता है कि नाहन आने और लौटने की यात्राओं के दौरान गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस पवित्र स्थल पर कुल 13 दिन व्यतीत किए और अपनी उपस्थिति से स्थानीय श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
यह गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी की नाहन यात्रा की स्मृति में स्थापित है और श्रद्धा व चिंतन का पवित्र स्थान है। निकट ही एक पावन ध्यान स्थल भी है, जहाँ माना जाता है कि गुरु जी ने अपने प्रवास के दौरान गहन चिंतन किया था। यद्यपि यह स्थान मुख्य गुरुद्वारा परिसर से अलग है, फिर भी यह श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र बना हुआ है।
गुरुद्वारा टोका साहिब हरियाणा–हिमाचल प्रदेश सीमा के निकट, हरियाणा के पंचकूला ज़िले के टोका गांव के पास स्थित है। यह उसी ऐतिहासिक मार्ग पर स्थित है, जिस पर से गुरु गोबिंद सिंह जी नाहन जाते और वापस लौटते समय गुजरे थे।
सड़क मार्ग से: गुरुद्वारा सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह चंडीगढ़ से लगभग 45 किलोमीटर और पंचकूला से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। आप कार या बस द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। आसपास के कस्बों से नियमित बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध रहती हैं।
रेल मार्ग से: निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन है, जो देश के अधिकांश बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। वहाँ से आप टैक्सी या बस लेकर टोका साहिब गुरुद्वारा पहुँच सकते हैं।
वायु मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। हवाई अड्डे से गुरुद्वारा तक पहुँचने के लिए टैक्सियाँ और किराये की गाड़ियाँ आसानी से मिल जाती हैं।
स्थानीय सुझाव: चूँकि गुरुद्वारा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच एक ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, इसलिए सही मार्ग के लिए GPS नेविगेशन का उपयोग करना या स्थानीय लोगों से दिशा की पुष्टि करना उपयुक्त रहेगा।
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