गुरुद्वारा कवि दरबार स्थान
गुरुद्वारा कवि दरबार स्थान वह पवित्र स्थल है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह महाराज कवियों की रचनाएँ सुना करते थे। कविता सुनने के उपरांत गुरु जी कवियों को स्वर्ण मुद्राएँ और भौतिक उपहार देकर आशीर्वाद देते थे। इसी स्थान पर सतगुरु जी ने कवि चंदन का अहंकार दूर किया, जो यह मान बैठा था कि उसकी कविता की गहराई को कोई समझ नहीं सकता। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने कृपा दृष्टि करते हुए घोड़ों की सेवा करने वाले भाई दन्ना घहिया जी से उस कविता का अर्थ समझाने को कहा। यहीं पर गुरु जी ने यमुना नदी को शांत रहने का आदेश दिया और तब से यमुना गुरु साहिब की आज्ञा के अनुसार ही प्रवाहित होती आ रही है।
गुरुद्वारा कवि दरबार स्थान तक पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न यात्रा साधनों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे उपलब्ध विकल्प दिए गए हैं:
कार या टैक्सी द्वारा: आप जीपीएस या किसी मैप्स ऐप की सहायता से गुरुद्वारा साहिब तक आसानी से पहुँच सकते हैं। सटीक दिशा के लिए गुरुद्वारे का पता दर्ज करें। निकटतम कस्बा पांवटा साहिब लगभग 2 किलोमीटर दूर है। वहाँ से आप स्वयं वाहन चलाकर या टैक्सी लेकर गुरुद्वारा कवि दरबार स्थान पहुँच सकते हैं।
रेल द्वारा: निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून है जो लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित है। देहरादून से आप टैक्सी या बस द्वारा पांवटा साहिब पहुँच सकते हैं।
बस द्वारा: प्रमुख शहरों से पांवटा साहिब के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। बस स्टैंड से गुरुद्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
हवाई मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है जो लगभग 70 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से टैक्सी और बस की सुविधा उपलब्ध है।
यात्रा से पहले अपने स्थान के अनुसार वर्तमान परिवहन विकल्पों और समय सारिणी की जाँच करना उचित रहेगा।
अन्य नजदीकी गुरुद्वारे
- गुरुद्वारा शीश महल - 50m
- गुरुद्वारा श्री दस्तार अस्थान साहिब - 60 m


