गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब

गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब, लुधियाना के निकट स्थित एक पवित्र स्थल है। गुरु हरगोबिंद जी के आगमन और संत ईश्वर सिंह जी व संत किशन सिंह जी की सेवा से यह स्थान आध्यात्मिक केंद्र बना। आज भी यह श्रद्धालुओं के लिए गहन आस्था और शांति का प्रतीक है।

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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब

गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह स्थल गुरु नानक देव जी और गुरु हरगोबिंद जी के आगमन से पवित्र माना जाता है और सिख श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थान है।

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गुरुद्वारा साहिब छेवीं पातशाही, नवाबगंज

गुरुद्वारा साहिब छेवीं पातशाही, नवाबगंज एक पवित्र सिख स्थल है, जहां गुरु हरगोबिंद साहिब जी के आगमन की स्मृति जुड़ी है। यह स्थान संगत, कीर्तन और लंगर की परंपरा के साथ श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति का केंद्र बना हुआ है।

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Gurudwara Suhela Ghora | गुरुद्वारा सुहेला घोड़ा | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸੁਹੇਲਾ ਘੋੜਾ

गुरुद्वारा सुहेला घोड़ा

गुरुद्वारा सुहेला घोड़ा साहिब वर्ष 1635 में श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के आगमन का स्मारक है और जान भाई व सुहेला घोड़ा से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाता है।

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Patshahi Chevin Sahib - Nanakmatta | गुरुद्वारा श्री पातशाही छेविं साहिब, नानकमत्ता | ਗੁਰੂਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ ਛੇਵੀਂ ਸਾਹਿਬ, ਨਾਨਕਮੱਤਾ

गुरुद्वारा श्री पातशाही छेविं साहिब, नानकमत्ता

गुरुद्वारा श्री पातशाही छेविं साहिब, नानकमत्ता वह पावन स्थल है जहाँ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने बाबा अलमस्त जी की सहायता हेतु आगमन किया और गुरु नानक साहिब जी से जुड़ी स्मृतियों को पुनर्जीवित किया।

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Gurudwara Killa Sahib in Bidaura Village, Uttarakhand | गुरुद्वारा क़िल्ला साहिब | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਕਿੱਲਾ ਸਾਹਿਬ

गुरुद्वारा क़िल्ला साहिब

गुरुद्वारा क़िल्ला साहिब उत्तराखंड के बिदौरा गाँव में स्थित एक पावन स्थल है। यह उस स्थान की स्मृति है जहाँ गुरु हरगोबिंद साहिब जी बाबा अलमस्त जी की विनती पर पहुँचे और नानकमत्ता साहिब की ओर नंगे पाँव प्रस्थान किया।

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ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਛੇਵੀਂ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ ਸਾਹਿਬ, ਕੋਟਲੀ ਭਾਗਾ

गुरुद्वारा छेवीं पातशाही साहिब, कोटली भागा

गुरुद्वारा छेवीं पातशाही साहिब, कोटली भागा, वह पावन स्थल है जहाँ गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने विश्राम किया था। यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा आज भी सिख श्रद्धालुओं के लिए गहरी आध्यात्मिक आस्था और विरासत का प्रतीक है।

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Gurudwara Panjvin and Chhevin Patshahi, Pakistan | गुरुद्वारा पांचवीं और छेवीं पातशाही, ननकाना साहिब | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪੰਜਵੀਂ ਅਤੇ ਛੇਵੀਂ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ, ਨਨਕਾਣਾ ਸਾਹਿਬ

गुरुद्वारा पांचवीं और छेवीं पातशाही, ननकाना साहिब

ननकाना साहिब में गुरुद्वारा तंबू साहिब के पास स्थित गुरुद्वारा पांचवीं और छेवीं पातशाही गुरु अर्जन देव जी और गुरु हरगोबिंद साहिब जी की पावन स्मृतियों से जुड़ा है। यह ऐतिहासिक स्थल अपनी सादगी, आध्यात्मिक गरिमा और सिख इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

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