गुरुद्वारा बाबा गुरदित्ता जी

गुरुद्वारा बाबा गुरदित्ता जी पंजाब के नवांशहर जिले के चांदपुर रुड़की गांव में स्थित एक पवित्र स्थान है, जो बाबा गुरदित्ता जी और बाबा केसरा सिंह जी की स्मृति में समर्पित है। यहाँ हर वर्ष निशान साहिब समारोह और बाबा गुरदित्ता जी का जन्मदिवस श्रद्धा से मनाया जाता है।

Read More »

गुरुद्वारा गुप्तसर साहिब

गुरुद्वारा गुप्तसर साहिब, छत्तियाना गांव (श्री मुक्तसर साहिब) में स्थित एक पवित्र स्थल है, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी के आगमन और पीर सैय्यद इब्राहिम के सिख धर्म स्वीकार करने की ऐतिहासिक घटना से यह स्थान प्रसिद्ध है।

Read More »

गुरुद्वारा माता सुंदर कौर

गुरुद्वारा माता सुंदर कौर, सेक्टर 70 मोहाली में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह स्थान उस पावन घटना को स्मरण करता है जब गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहाँ संगत के साथ दीवान लगाया और माता साहिब कौर जी तथा माता सुंदर कौर जी का गुरु जी से पुनर्मिलन हुआ।

Read More »

गुरुद्वारा साहिब बीबी शरण कौर जी

गुरुद्वारा साहिब बीबी शरण कौर जी, जिला रूपनगर के रायपुर गाँव में स्थित है। यह स्थान 1705 में शहीद हुईं बीबी शरण कौर जी की महान वीरता और बलिदान की याद में प्रसिद्ध है, जिन्होंने चमकौर की लड़ाई के बाद साहिबज़ादों और अन्य सिख शहीदों का अंतिम संस्कार किया और अपनी इज्जत व धर्म की रक्षा करते हुए शहीदी प्राप्त की।

Read More »
Gurudwara Buraj Mata Gujri Ji | ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਬੁਰਜ ਮਾਤਾ ਗੁਜਰੀ ਜੀ | गुरुद्वारा बुर्ज माता गुजरी जी

गुरुद्वारा बुर्ज माता गुजरी जी

गुरुद्वारा बुर्ज माता गुजरी जी, जिसे ठंडा बुर्ज भी कहा जाता है, सिरहिंद में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यहीं माता गुजरी जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को कैद रखा गया था। यह स्थान सिख इतिहास में महान शहादत और बलिदान की याद दिलाता है।

Read More »
ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪਾਹਿਨ ਸਾਹਿਬ ਸੱਚੀ ਮੰਜੀ | Gurudwara Pahin Sahib Sachi Manji | गुरुद्वारा पाहिन साहिब सच्ची मंजी

गुरुद्वारा पाहिन साहिब सच्ची मंजी

गुरुद्वारा पाहिन साहिब सच्ची मंजी पंजाब के फिरोजपुर जिले के गांव दुलची के में स्थित एक पवित्र स्थान है। यह स्थल गुरु अमर दास जी की चरण छोह और बाबा सच-ना-सच से जुड़ी ऐतिहासिक कथा के कारण विशेष महत्व रखता है।

Read More »

गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब

गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब, लुधियाना के निकट स्थित एक पवित्र स्थल है। गुरु हरगोबिंद जी के आगमन और संत ईश्वर सिंह जी व संत किशन सिंह जी की सेवा से यह स्थान आध्यात्मिक केंद्र बना। आज भी यह श्रद्धालुओं के लिए गहन आस्था और शांति का प्रतीक है।

Read More »