गुरुद्वारा रीठा साहिब

गुरुद्वारा रीठा साहिब उत्तराखंड के चंपावत ज़िले में स्थित एक पवित्र ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह जिला मुख्यालय से लगभग 72 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित है और उनकी चरण छोह प्राप्त धरती मानी जाती है।

इतिहास

गुरुद्वारा रीठा साहिब प्रथम पातशाही की पावन चरण छोह से पवित्र हुआ है। नानकमत्ता से यहाँ तक पहुँचने में लगभग 4 से 6 घंटे का समय लगता है। इस स्थान के निकट दो नदियाँ—रतिया और लदिया—बहती हैं, जिनका यहाँ संगम होता है।

उत्तराखंड की उदासी के दौरान श्री गुरु नानक देव जी अपने प्रिय साथी भाई मरदाना जी के साथ कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस स्थान पर पहुँचे। उस समय ढेरनाथ जी सिद्धों सहित यहाँ निवास करते थे। जब गुरु साहिब यहाँ पहुँचे, तब सिद्ध लोग रीठे के वृक्ष के एक ओर बैठे थे और दूसरी ओर गुरु जी विराजमान हुए। इसके पश्चात सिद्धों के साथ आध्यात्मिक चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान भाई मरदाना जी को भूख लगी और उन्होंने भोजन की इच्छा प्रकट की। गुरु जी ने उन्हें सिद्धों से भोजन माँगने के लिए कहा। सिद्धों ने अहंकारवश उत्तर दिया कि यदि तुम्हारा गुरु इतना समर्थ है, तो वही तुम्हें भोजन दे। यह सुनकर गुरु जी ने मरदाना जी को रीठे के फल तोड़कर खाने और सिद्धों को भी देने के लिए कहा।

चमत्कार स्वरूप, रीठे के कड़वे फल मीठे हो गए। परंतु जिस ओर सिद्ध बैठे थे, उस ओर के फल कड़वे ही रहे। यह देखकर सिद्ध क्रोधित हो गए और अपनी योग शक्ति से एक विषैला सर्प मरदाना जी की ओर भेजा। गुरु जी ने अपनी अमृतमयी दृष्टि से उस सर्प की ओर देखा, जिससे वह सर्प वहीं पत्थर बन गया।

आज भी यहाँ रीठे के वृक्ष के मीठे फल इस पावन घटना की याद दिलाते हैं और यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए गहन आस्था का केंद्र बना हुआ है।

गुरुद्वारा रीठा साहिब तक पहुँचने के लिए आप अपने स्थान और सुविधा के अनुसार विभिन्न परिवहन साधनों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख विकल्प दिए गए हैं:

कार द्वारा: गुरुद्वारा रीठा साहिब उत्तराखंड के चंपावत ज़िले में स्थित है, जो चंडीगढ़ से लगभग 581 किलोमीटर दूर है। आप एनएच–5 और एनएच–109 मार्ग से यात्रा कर सकते हैं। यह मार्ग उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यात्रा लंबी हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करके निकलें।

ट्रेन द्वारा: निकटतम रेलवे स्टेशन तनकपुर रेलवे स्टेशन है, जो गुरुद्वारे से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। स्टेशन से आप टैक्सी या स्थानीय वाहन लेकर गुरुद्वारा पहुँच सकते हैं।

बस द्वारा: आप हल्द्वानी, नैनीताल या अन्य निकटवर्ती शहरों से बस द्वारा तनकपुर पहुँच सकते हैं। तनकपुर से आगे टैक्सी या ऑटो-रिक्शा लेकर गुरुद्वारा रीठा साहिब पहुँचा जा सकता है। इन शहरों से नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध रहती हैं।

हवाई मार्ग द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है, जो लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहाँ से टैक्सी या अन्य स्थानीय परिवहन के माध्यम से गुरुद्वारे तक पहुँचा जा सकता है।

यात्रा प्रारंभ करने से पहले, अपने स्थान के अनुसार परिवहन की वर्तमान समय-सारणी और उपलब्धता अवश्य जाँच लें। वहाँ पहुँचने पर स्थानीय लोग आपको गुरुद्वारा तक पहुँचने में मार्गदर्शन दे सकते हैं, क्योंकि यह क्षेत्र का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।

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