गुरुद्वारा पहली पातशाही, चावली मशाइख, बुरेवाला
गुरुद्वारा पहली पातशाही, चावली मशाइख, बुरेवाला एक अत्यंत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का स्थल है। स्थानीय परंपरा और जनविश्वास के अनुसार, सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी, ने इसी स्थान पर ध्यान और तपस्या की थी। इसी कारण स्थानीय लोग आज भी इस स्थान को श्रद्धा से “तपस्थान गुरु नानक” कहकर संबोधित करते हैं, जो गुरु नानक देव जी की साधना और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। सिख धर्म के संस्थापक से इसका सीधा संबंध होने के कारण यह गुरुद्वारा सिख श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।
यह गुरुद्वारा दीवान हाजी शेर मोहम्मद की मजार के निकट स्थित होने के कारण भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो यहां से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर है। यह निकटता इस क्षेत्र की समृद्ध और आपस में जुड़ी हुई आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है।
ऐतिहासिक रूप से, गुरुद्वारा पहली पातशाही की सेवा और देखरेख एक अकाली सिंह सेवादार द्वारा की जाती थी। किंतु आज यह गुरुद्वारा एक मुस्लिम परिवार की देखरेख में है, जो धार्मिक सौहार्द और आपसी सम्मान का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह व्यवस्था दर्शाती है कि इस क्षेत्र में विभिन्न धर्मों के पवित्र स्थलों के प्रति साझा जिम्मेदारी और सम्मान की परंपरा आज भी जीवित है।
गुरुद्वारा चक नंबर 317 ईबी में स्थित है, जो बुरेवाला–साहोकी सड़क पर पड़ता है। यह ग्रामीण क्षेत्र दीवान हाजी शेर मोहम्मद की मजार से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
सड़क मार्ग (बस द्वारा): गुरुद्वारा पहुंचने का सबसे सरल तरीका बस है। बुरेवाला रेलवे स्टेशन से साहोकी की ओर जाने वाली बसें सामान्यतः चक नंबर 317 ईबी से होकर गुजरती हैं। आप बस कंडक्टर या चालक से चक नंबर 317 ईबी या गुरुद्वारा के पास उतारने के लिए कह सकते हैं, क्योंकि यह क्षेत्र में एक जाना-पहचाना स्थान है।
कार या टैक्सी द्वारा: निजी कार या टैक्सी से यात्रा करते समय आप अपने नेविगेशन में चक नंबर 317 ईबी, बुरेवाला–साहोकी रोड दर्ज कर सकते हैं। गुरुद्वारा आसपास के क्षेत्र में आसानी से पहचाना जाने वाला स्थल है। बुरेवाला, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के वहाड़ी जिले का एक प्रमुख शहर है और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
हवाई मार्ग से: मुल्तान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (MUX) सबसे नजदीकी और सुविधाजनक प्रमुख हवाई अड्डा है, जो बुरेवाला से लगभग 120–130 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। यहां से देश और विदेश के कई गंतव्यों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: चूंकि यह गुरुद्वारा पाकिस्तान में स्थित है, इसलिए विदेश से आने वाले यात्रियों को वैध वीज़ा सहित सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज़ साथ रखना अनिवार्य है। यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय यात्रा सलाह और परिस्थितियों की जानकारी लेना भी उचित रहता है।
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