गुरुद्वारा नानकलामा साहिब

गुरुद्वारा नानकलामा साहिब सिक्किम के चुंगथांग (Chungthang) में स्थित है। इस गुरुद्वारे की स्थापना वर्ष 1969 में असम राइफल्स द्वारा उस समय के विधायक तासा तंगेय लेपचा (Tasa Tangey Lepcha) की सहायता से की गई थी। इस पवित्र स्थल का निर्माण क्षेत्र में गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के सम्मान में किया गया था।

गुरुद्वारे की स्थापना के बाद से इसका प्रबंधन बाबा हरबंस सिंह जी, बाबा बचन सिंह जी और बाबा सुरिंदर सिंह जी द्वारा किया जाता रहा है, जो डेरा कार सेवा से जुड़े हुए हैं। गुरुद्वारे के निर्माण में असम राइफल्स की बटालियन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसका नेतृत्व सूबेदार मेजर भुल्लर ने किया।

आज गुरुद्वारा नानकलामा साहिब एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यह स्थान स्थानीय लोगों और सैन्य कर्मियों दोनों को एक साथ जोड़ता है और इस क्षेत्र में सिख परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

गुरुद्वारा नानकलामा साहिब तक पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न परिवहन विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे कुछ मुख्य तरीके दिए गए हैं:

सड़क मार्ग से: गुरुद्वारा नानकलामा साहिब सिक्किम के चुंगथांग में स्थित है। यह गुरुद्वारा गंगटोक जैसे नजदीकी शहरों से कार द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ तक का सफर सिक्किम के खूबसूरत पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरता है।

रेल मार्ग से: चुंगथांग के लिए सबसे नजदीकी बड़ा रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) है, जो लगभग 120 किमी दूर है। वहां से आप टैक्सी या बस लेकर चुंगथांग और गुरुद्वारा साहिब तक पहुँच सकते हैं।

बस द्वारा: गंगटोक और सिक्किम के अन्य शहरों से चुंगथांग के लिए बस सेवाएं उपलब्ध हैं। चुंगथांग पहुँचने के बाद आप थोड़ी दूरी पैदल चलकर या स्थानीय टैक्सी लेकर गुरुद्वारा साहिब तक पहुँच सकते हैं।

हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा एयरपोर्ट है, जो चुंगथांग से लगभग 125 किमी दूर स्थित है। एयरपोर्ट से आप टैक्सी किराए पर लेकर गुरुद्वारा साहिब तक पहुँच सकते हैं।

यात्रा पर निकलने से पहले अपने स्थान के अनुसार परिवहन की वर्तमान समय-सारणी और उपलब्धता की जाँच करना बेहतर रहता है। चुंगथांग पहुँचने के बाद स्थानीय लोग आपको गुरुद्वारा नानकलामा साहिब का रास्ता आसानी से बता देंगे।

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