गुरुद्वारा पातशाही नौवीं साहिब - भीखी

गुरुद्वारा साहिब पातशाही नौवीं, भीखी उस पावन स्थान की याद में स्थापित है जहाँ श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मालवा क्षेत्र की यात्रा के दौरान कुछ समय विश्राम किया था। गुरु जी यहाँ समाओं गाँव से आते हुए ठहरे थे। उस समय भीखी क्षेत्र का एक स्थानीय मुखिया देसू, जो पहले सखी सरवर का अनुयायी था, गुरु जी की शिक्षाओं और आध्यात्मिक प्रभाव से प्रभावित होकर सिख धर्म को अपनाने लगा। देसू ने अत्यंत श्रद्धा और प्रेम भाव से गुरु जी की सेवा की।

देसू की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर गुरु जी ने उसे पाँच तीर आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किए। गुरु जी ने उसे आदेश दिया कि वह इन तीरों को पवित्र निशानी के रूप में संभालकर रखे और सिख मार्ग पर दृढ़ता से चलता रहे।

स्थानीय परंपराओं के अनुसार, गुरु जी के प्रस्थान के कुछ समय बाद देसू की पत्नी, जो उसके धर्म परिवर्तन से नाराज़ थी, ने उन तीरों को तोड़कर आग में जला दिया। माना जाता है कि इस घटना के कारण देसू के परिवार पर दुर्भाग्य आ गया। बाद में उसके पुत्र और पोते की शत्रुओं द्वारा हत्या कर दी गई, जिससे उसकी वंश परंपरा समाप्त हो गई।

यह गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर जी की इस पावन यात्रा और उनके उपदेशों की स्मृति को समर्पित है। यहाँ हर वर्ष गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस और गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

स्थान:
गुरुद्वारा साहिब पातशाही नौवीं, भीखी नगर के पुराने क्षेत्र में स्थित है। यह गुरुद्वारा सुनाम–बठिंडा मार्ग पर स्थित है और सुनाम से लगभग 30 किलोमीटर तथा बठिंडा से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।

गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब पातशाही नौवीं – भीखी पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न यात्रा विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:

सड़क मार्ग द्वारा: भीखी नगर सुनाम–बठिंडा मार्ग पर स्थित है और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप कार, टैक्सी या बस द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। सुनाम, मानसा और बठिंडा जैसे नज़दीकी शहरों से सरकारी और निजी बस सेवाएँ नियमित रूप से उपलब्ध रहती हैं।

रेल मार्ग द्वारा: गुरुद्वारा साहिब के लिए सबसे नज़दीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन मानसा रेलवे स्टेशन है, जो यहाँ से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्टेशन से टैक्सी या स्थानीय वाहन लेकर गुरुद्वारा पहुँचा जा सकता है।

हवाई मार्ग द्वारा: निकटतम हवाई अड्डा बठिंडा एयरपोर्ट है, जो भीखी से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है और यहाँ सीमित घरेलू उड़ानें उपलब्ध हैं। बेहतर और अधिक उड़ान विकल्पों के लिए चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे उपयुक्त है, जो लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोनों हवाई अड्डों से टैक्सी और बस सेवाएँ आसानी से मिल जाती हैं।

सुझाव: यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए पहले से परिवहन समय की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यदि आप कार से यात्रा कर रहे हैं, तो मार्गदर्शन के लिए डिजिटल मैप्स का उपयोग करना लाभदायक रहेगा।

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