गुरुद्वारा चौवा साहिब

गुरुद्वारा चौवा साहिब (उर्दू: گردوارہ چوآ صاحب), जिसका अर्थ है “पवित्र जल-स्रोत का गुरुद्वारा”, पाकिस्तान के झेलम जिले के पास रोहतास किले के उत्तरी किनारे पर स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा रोहतास किले के तलाकी गेट के निकट स्थित है। माना जाता है कि यहाँ गुरु नानक देव जी ने अपनी एक उदासी (धार्मिक यात्राओं) के दौरान भूमि से जल का एक प्राकृतिक स्रोत प्रकट किया था। वर्तमान समय में इस गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश नहीं होता।

इस स्थान पर पहला स्मारक ढांचा चरत सिंह द्वारा बनवाया गया था। उन्होंने यहाँ एक सरोवर और गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ के लिए स्थान बनवाया। वर्तमान इमारत का निर्माण 1834 ईस्वी में हुआ, जिसे महाराजा रणजीत सिंह के आदेश से बनवाया गया था।

सिख परंपरा के अनुसार गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना अपनी चौथी उदासी के दौरान इस क्षेत्र से गुजर रहे थे। यह यात्रा गर्मियों के समय की थी और वे पास स्थित टिल्ला जोगियां मंदिरों में लगभग 40 दिन ठहरने के बाद यहाँ पहुँचे थे। उस समय भाई मरदाना ने पानी की कमी के कारण अपनी प्यास की शिकायत की।

कहा जाता है कि तब गुरु नानक देव जी ने अपनी छड़ी से धरती पर प्रहार किया और एक पत्थर हटाया, जिससे वहाँ से एक प्राकृतिक जल-स्रोत फूट पड़ा। इसी घटना की याद में इस स्थान को पवित्र माना जाता है।

एक अन्य कथा के अनुसार शेर शाह सूरी ने रोहतास किले के निर्माण के समय इस जल-स्रोत को पहाड़ी के ऊपर स्थानांतरित करने का प्रयास किया ताकि किले के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। कहा जाता है कि राजा के इंजीनियरों ने यह कार्य तीन बार करने की कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रहे।

गुरुद्वारा चौवा साहिब तक पहुँचने के लिए आप निम्नलिखित विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:

सड़क मार्ग से: गुरुद्वारा चौवा साहिब ऐतिहासिक रोहतास किले के पास स्थित है। यह दीना से लगभग 8 किमी और झेलम शहर से लगभग 18 किमी दूर है। यदि आप कार से यात्रा कर रहे हैं, तो GPS में “Gurdwara Chowa Sahib, Rohtas Fort” दर्ज करके सीधे स्थान तक पहुँच सकते हैं। किले तक जाने वाली सड़क अच्छी तरह से जुड़ी हुई है।

रेल मार्ग से: निकटतम रेलवे स्टेशन झेलम रेलवे स्टेशन है। झेलम पहुँचने के बाद आप टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या स्थानीय बस द्वारा रोहतास किले तक जा सकते हैं। वहाँ से गुरुद्वारा चौवा साहिब पैदल दूरी पर स्थित है।

बस द्वारा: अंतरशहरी बसें झेलम या दीना तक उपलब्ध हैं। इन दोनों शहरों से आप टैक्सी या रिक्शा द्वारा रोहतास किले तक पहुँच सकते हैं। गुरुद्वारा किले के परिसर के भीतर स्थित है।

वायु मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 100 किमी दूर स्थित है। हवाई अड्डे से आप टैक्सी या सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से झेलम पहुँच सकते हैं और वहाँ से रोहतास किले होते हुए गुरुद्वारा पहुँच सकते हैं।

यात्रा पर निकलने से पहले अपने स्थान के अनुसार वर्तमान परिवहन समय-सारणी और उपलब्धता की जाँच करना उचित है। भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान यात्रा के लिए तीर्थ-यात्रा उद्देश्य का स्पष्ट उल्लेख वाला पाकिस्तानी वीज़ा प्राप्त करना आवश्यक होता है। पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों में यात्रा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा अनुमति की आवश्यकता हो सकती है, इसलिए यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित पाकिस्तानी अधिकारियों से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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