गुरुद्वारा तीर गढ़ी साहिब

सिरमौर ज़िले की पांवटा तहसील में यमुना नदी के पावन तट पर स्थित भंगानी गांव इतिहास का एक महत्वपूर्ण साक्षी है। यही वह स्थान है जहाँ सन् 1688 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने पहाड़ी रियासतों के राजाओं के विरुद्ध अपना पहला ऐतिहासिक युद्ध लड़ा। यह युद्ध केवल शक्ति का नहीं बल्कि धर्म, आत्मसम्मान और न्याय की रक्षा का प्रतीक था। पहाड़ी राजाओं ने संयुक्त रूप से गुरु साहिब पर आक्रमण किया, जिसके परिणामस्वरूप एक भीषण और निर्णायक संग्राम हुआ।

इस संघर्ष की शुरुआत कहलूर के राजा भीम चंद और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बीच उत्पन्न मतभेदों से हुई। कहा जाता है कि राजा भीम चंद ने गुरु साहिब से एक प्रशिक्षित हाथी देने की मांग की, जिसे गुरु जी ने अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज़ होकर वह अपने पुत्र अजीमर चंद का विवाह कराने के लिए श्रीनगर (गढ़वाल) पहुँचे, जहाँ उसका विवाह राजा फतेह चंद की पुत्री से होना था। उस समय राजा फतेह चंद गुरु गोबिंद सिंह जी के मित्र थे, जो पांवटा साहिब में निवास कर रहे थे।

विवाह के अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह जी ने परंपरा के अनुसार तांबोल के रूप में नकद भेंट कुछ सिखों के माध्यम से भेजी। किंतु राजा भीम चंद ने राजा फतेह चंद पर दबाव डालकर यह भेंट स्वीकार करने से मना करवा दिया, क्योंकि वह गुरु साहिब को अपना विरोधी मानता था। इसके बाद उसने अन्य पहाड़ी राजाओं को भी अपने साथ मिलाकर विवाह के उपरांत पांवटा साहिब पर आक्रमण करने के लिए तैयार कर लिया। इसी घटना ने आगे चलकर भगानी के ऐतिहासिक युद्ध का रूप लिया, जिसने सिख इतिहास में वीरता और साहस का एक अमिट अध्याय जोड़ा।

गुरुद्वारा तीर गढ़ी साहिब तक पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न परिवहन साधनों का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ पहुँचने के कुछ विकल्प दिए गए हैं:

कार द्वारा: गुरुद्वारा तीर गढ़ी साहिब पांवटा साहिब से लगभग 20 किमी दूर स्थित है। आप नाहन या देहरादून मार्ग से आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। सड़क मार्ग अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, इसलिए निजी कार या टैक्सी से यात्रा सुविधाजनक रहती है।

ट्रेन द्वारा: निकटतम रेलवे स्टेशन यमुनानगर और देहरादून हैं, जो लगभग 45–50 किमी की दूरी पर स्थित हैं। रेलवे स्टेशन से आप टैक्सी किराये पर ले सकते हैं या बस द्वारा पांवटा साहिब पहुँचकर आगे भगानी के लिए जा सकते हैं।

बस द्वारा: देहरादून, चंडीगढ़ और नाहन जैसे नज़दीकी शहरों से पांवटा साहिब के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। पांवटा साहिब से भगानी तक पहुँचने के लिए स्थानीय परिवहन या टैक्सी आसानी से मिल जाती है।

हवाई मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा चंडीगढ़ एयरपोर्ट है, जो लगभग 125 किमी दूर है। वहाँ से टैक्सी या बस द्वारा पहले पांवटा साहिब और फिर गुरुद्वारा तीर गढ़ी साहिब पहुँचा जा सकता है।

यात्रा पर निकलने से पहले अपने स्थान के अनुसार परिवहन सेवाओं के वर्तमान समय और उपलब्धता की जाँच करना उचित है। इसके अतिरिक्त, भगानी पहुँचने के बाद आप स्थानीय लोगों से मार्गदर्शन ले सकते हैं, क्योंकि गुरुद्वारा इस क्षेत्र का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।

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