गुरुद्वारा छेवीं पातशाही साहिब, पीलीभीत

गुरुद्वारा छेवीं पातशाही साहिब, पीलीभीत, सिख धर्म के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी को समर्पित एक ऐतिहासिक और पवित्र स्थल है। यह गुरुद्वारा लगभग चार सौ वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। माना जाता है कि अपने यात्राओं के दौरान गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने इस स्थान को अपने चरणों से पवित्र किया था। बाद में गुरु गोबिंद सिंह जी भी नानकमत्ता जाते समय यहां ठहरे थे। समय के साथ यह स्थान श्रद्धा, एकता और शांति का प्रतीक बन गया है, जहाँ विभिन्न समुदायों और धर्मों के लोग दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। शांत वातावरण और इससे जुड़ी समृद्ध ऐतिहासिक महत्ता इसे एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल बनाती है, जो सिख गुरुओं की अमर विरासत की याद दिलाता है।

गुरुद्वारा छेवीं पातशाही साहिब, पीलीभीत पहुँचने के लिए आप अपनी सुविधा और स्थान के अनुसार विभिन्न परिवहन साधनों का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ प्रमुख विकल्प दिए गए हैं:

सड़क मार्ग से: पीलीभीत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे बरेली, शाहजहाँपुर और लखनऊ से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। स्थानीय बसें और टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं, जिनसे आप सीधे गुरुद्वारा पहुँच सकते हैं।

रेल मार्ग से: नज़दीकी रेलवे स्टेशन पीलीभीत जंक्शन है, जो गुरुद्वारे से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्टेशन से आप ऑटो-रिक्शा या टैक्सी लेकर आसानी से गुरुद्वारे तक पहुँच सकते हैं।

वायु मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा बरेली एयरपोर्ट है, जो पीलीभीत से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे नज़दीकी बड़ा विकल्प है। दिल्ली से आप ट्रेन, बस या निजी वाहन द्वारा पीलीभीत पहुँच सकते हैं।

यात्रा पर निकलने से पहले अपनी लोकेशन और मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार परिवहन विकल्पों और समय-सारणी की जाँच करना अच्छा रहेगा।

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